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बिहार चुनाव 2020 : पार्टियों के घोषणा पत्र

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वादा तेरा वादा

जानिए क्या हैं बड़े दलों के बड़े वादे? क्या है ख़ास घोषणापत्रों में?

बिहार में राजनीतिक विसात बिछ चुकी है। लोक-लुभवान वादों की बौछार की जा चुकी है। जनता को अपनी ओर खीचने के लिए सभी राजनितिक दलों ने अपने अपने पासे फेक दिए हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा के बाद BJP ने अपने घोषणापत्र में 19 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही है। इन सब के साथ जेडीयू, कांग्रेस, एलजेपी समेत अन्य सभी दलों ने अपने अपने घोषणा पत्र में क्या-क्या चुनावी वादे किए गए हैं? आइये देखते हैं- वादा तेरा वादा

सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं। जहां पार्टियों के उम्मीदवार लगातार मतदाताओं के बीच पहुंचकर प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं, वहीं पार्टियां भी नए-नए चुनावी वादों से वोटरों को लुभाने की कवायद में जुटी हुई हैं। चाहे सत्ताधारी बीजेपी और जेडीयू हों या फिर विपक्षी पार्टी आरजेडी और कांग्रेस सभी प्रमुख सियासी दलों ने बिहार चुनाव को लेकर अपना घोषणा पत्र जारी किया है। इसमें पार्टियों की ओर से वोटरों को लुभाने के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं।

एक नजर सभी प्रमुख राजनितिक दलों के बड़े वादों पर-

बीजेपी-

भारतीय जनता पार्टी ने 5 लक्ष्य, 1 सूत्र, 11 संकल्प का पत्र जरी किया है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पटना में अगले पांच साल में ‘आत्मनिर्भर बिहार’ का रोडमैप 2020-2025 जारी किया। इसमें कोरोना वायरस वैक्‍सीन को लेकर बड़ा वादा किया गया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि जैसे ही कोरोना वैक्‍सीन का बड़े पैमाने पर उत्‍पादन शुरू होगा, बिहार के हर शख्‍स को मुफ्त में टीका लगेगा। यह हमारे चुनावी घोषणा पत्र का सबसे पहला वादा है।

1. कोरोना महामारी के खिलाफ एनडीए सरकार तत्पर है। जैसे ही कोरोना का टीका आईसीएमआर की ओर से स्वीकृति के बाद उपलब्ध होगा, हर बिहारवासी को फ्री में ये टीका उपलब्ध कराया जाएगा।

2. बिहार में मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित तकनीकी शिक्षा को हिंदी भाषा में उपलब्ध करायेंगे।

3. आने वाले 1 वर्ष में राज्य के सभी प्रकार के विद्यालय, उच्च शिक्षा के विश्वविद्यालयों तथा संस्थानों में 3 लाख नए शिक्षकों की नियुक्ति करेंगे।

4. बिहार को नेक्स्ट जेनरेशन आईटी हब के रूप में विकसित करेंगे। इससे अगले 5 वर्षों में 5 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध करायेंगे।

5. एनडीए सरकार ने बिहार में 10 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.20 करोड़ महिलाओं के जीवन में रौशनी पहुंचायी है। अब इन  समूहों और माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के माध्यम एक करोड़ महिलाओं को स्वावलंबी बनाएंगें।

जेडीयू-

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जेडीयू ने ‘सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सात निश्चय पार्ट-2 कार्यक्रम को लागू करने का वादा किया है।

1. ‘सात निश्चय-1’ कार्यक्रम में बिहार के युवाओं को लेकर चलाए गए कार्यक्रम को आगे भी जारी रखने के साथ, ‘सात निश्चय-2’ के युवा शक्ति-बिहार की प्रगति कार्यक्रम के तहत युवाओं को और बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी और साथ ही उद्यमिता को और बढ़ावा दिया जाएगा।

2. सात निश्चय-2 के तहत युवा शक्ति-बिहार की प्रगति, सशक्त महिला-सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर-विकसित शहर, सुलभ सम्पर्कता और सबके लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधा का वादा किया गया है।

3. युवाओं के लिए न सिर्फ उच्च स्तर के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है बल्कि उनको अपना व्यवसाय लगाने के लिए सरकार मदद करेगी। नए व्यवसाय के लिए लागत का 50 फीसदी या अधिकतम तीन लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

4. सात निश्चिय-2 के सशक्त महिला-सक्षम महिला कार्यक्रम के तहत महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लाई जाएगी। इसके तहत उनकी ओर से लगाए जा रहे उद्यमों में परियोजना लागत का 50 फीसदी या अधिकतम 5 लाख रुपये तक का अनुदान और अधिकतम 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन दिया जायेगा।

5. उच्चतर शिक्षा हेतु प्रेरित करने के लिए, इंटर पास होने पर अविवाहित युवतियों को 25,000 रुपये और स्नातक होने पर महिलाओं को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। क्षेत्रीय प्रशासन में आरक्षण के अनुरूप महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

कांग्रेस-

कांग्रेस पार्टी ने 10 लाख नौकरियां, कृषि कर्ज माफी, 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता, बिजली बिल में 50 फीसदी छूट और हाल ही में अस्तित्व में आए तीन कृषि कानूनों को समाप्त करने समेत कई वादे किए गए हैं।

1. 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का फैसला महागठबंधन की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा।

2. जिन लोगों को रोजगार नहीं मिल सकेगा, उन्हें 1500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा।

3. महागठबंधन की सरकार बनने पर विधानसभा के पहले सत्र में हाल ही में बनाए गए कृषि संबंधी तीन कानूनों को समाप्त करने का विधेयक पारित किया जायेगा।

4. बिहार के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में दो एकड़ से कम जोत वाले किसानों की मदद के लिए ‘राजीव गांधी कृषि न्याय योजना’ शुरू करने की बात कही गई है ।

आरजेडी-

महागठबंधन के घोषणा पत्र में आरजेडी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन का सबसे ज्यादा जोर बेरोजगारी दूर करने पर है। अगर वह सरकार में आते हैं तो उनकी कलम से पहला फैसला 10 लाख बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने का वादा पूरा करेंगे।

1. सरकारी नौकरी में बहाली के लिए छात्र-छात्राओं से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

2. राज्य में कर्पूरी श्रमवीर सहायता केंद्र बनेंगे। जहां किसी भी आपदा के वक्त प्रवासी व उनके परिवार को बिहार सरकार से मदद मिल सकेगी।

3. मनरेगा के तहत प्रतेक परिवार के बजाय प्रति व्यक्ति को काम का प्रावधान, न्यूनतम वेतन की गारंटी एंव कार्य दिवस को 100 से 200 दिन किया जाएगा। मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार योजना भी बनाया जाएगा।

4. संविदा प्रथा को समाप्त कर, नियोजित कर्मचारियों को स्थाई कर, समान काम-समान वेतन की नीति पर अमल किया जाएगा। सभी विभाग में निजीकरण खत्म किया जाएगा। साथ ही स्थाई और नियमित नौकरी की व्यवस्था की जाएगी।

5. राज्य में वर्ष 2005 से लागू नई अंशदायी पेंशन योजना को बंद कर पूर्व की भांति पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी।

एलजेपी-

एलजेपी ने अपने घोषणा पत्र को विजन डॉक्यूमेंट के नाम से लॉन्च किया। इसमें बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट (Bihar First Bihari First) की बात कही गई है। कहा गया है कि इस विजन में चार लाख से ज्यादा बिहारियों के विचार को सामिल किया गया है और रामविलास पासवान का पूरा अनुभव इसमें शामिल है। बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट में सभी की समस्याएं शामिल है, लेकिन कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका हल इसमें शामिल नहीं हो।

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